Tuesday, 8 January 2019

किसी से अपनी तुलना करना भगवान का अपमान हैं || अपनी तुलना ना करें

 HINDI STORY काला कोवा

दोस्तों मैं यहां पर आपको एक बहुत ही पुरानी कहावत सुनाने जा रहा हूं मैं उम्मीद करता हूं कि यह कहानी आपको बिल्कुल दिल को छू जाएगी और इसके बाद आप अपनी तुलना किसी से नहीं करेंगे क्योंकि दोस्तों आप से बैटर इस दुनिया में कोई नहीं है

दोस्तों एक कौवा था आपको पता है आपको का रंग काला होता है उनको अपने ही रंग से बहुत ही ज्यादा परेशान था वह एक वृक्ष ही डाली पर बैठ कर रो रहा था तभी उस वृक्ष के नीचे से एक साधु गुजर रहे थे तो sadhu ke गाल पर कौवे की आंसू की बूंद जा गिरी और साधु ने ऊपर देखा तो कुंवा रों रहा था साधु ने पूछा भाई क्या प्रॉब्लम है तुझे क्यों रो रहा है
 कोवा बोला अरे महाराज रोउ  नहीं तो क्या करूं ये कोई रंग है कला बनाया जहां जाता हूं वहां से लोग मुझे उड़ा देते हैं भगा  देते हैं कोई पालता नहीं किसी ने पालकर आज तक खाना नहीं खिलाया बस श्राद्ध पर काम आता हु झूठा खिलाते हैं तो साधु ने बोला खुश नहीं है बोला बिल्कुल नहीं बोला अगर तुझे जीवन में कभी मौका मिले तो क्या बनना चाहता है कोवा बोला महाराज अगर कभी दोवारा  जीवन में मौका मिला तो मैं हंस  बनना पसंद करूंगा क्या मस्त जिंदगी होती है हंस की 
साधु बोले चल ठीक है मगर एक बार हंस से पूछ के तो आजा की वो खुस है के नहीं बोलै ये तो ठीक है 
कोवा गया हंस से बोलै हंस भाई क्या लाइफ है तेरी कितना खूबसूरत लगता है तेरा रंग तू तो बहुत खुस राहता होगा भाई 
हंस बोला किसने बोलै तुझे की मैं खुस रहता हु 
 
कोवा बोलै क्यों तुझे क्या समस्या है हंस बोला ये कोई रंग है सफ़ेद मोत  के बाद का रंग पानी मैं रहता हु लोग फोटो खींचते हैं मेरी पता ही नहीं चलता की मेरी खिंच रहे हैं की पानी की दोनों साधु के पास पहुंचे बोले बावा मामला गड़वडी है साधु बोले क्या हुआ कोवा बोला बावा हंस भी खुस नहीं है बावा बोले क्या बनना चाहता है हंस बोला  बावा बस एक बार तोता बना दो कितना सूंदर डिज़ाइन होता है सब मिठ्ठू मिठ्ठू बुलाते हैं क्या चोंच बावा बोले चल ठीक है पर एक बार तोते से मिल कर आओ दोनों गए एक
आम के पेड़ पर खुश तोते बैठे थे कोवा और हंस पेड़ के चारो ओर चक्कर लगाया कुछ देर बाद उन्हें एक तोता नज़र आया दोनों उसके पास जाकर बोलो मिठ्ठू भाई क्या लाइफ है यार तेरी तू तो बहुत खुस रहता होगा तोता बोलै कोण बोलै तुमको की मैं खुस हु ये कोई रंग है साला तुम इतनी देर से पेड़ के चक्कर लगा रहे थे तुमको दिखा ही नहीं पेड़ मैं ही मिल जाता हु बोले खुश नहीं है बोलै बिलकुल नहीं अब तीनो बावा के पास पहुंचे बोले बावा ये भी खुस नहीं है बावा ने पूछा क्या बनना चाहेगा तोता बोलै बावा बस लाइफ मैं एक बार मोर बना दो क्या नाचता है बड़े बड़े पंखों से बावा बोले चल ठीक है एक बार मोर से भी पूछ के आ तीनो गए मोर के पास और बोले यार मोर भाई तू तो कितना खुस रहता है क्या नाचता है स्टाइल मैं मोर बोला किसने कहा तुझे की खुस हु कोवा बोला क्यों तुझे क्या प्रॉब्लम है मोर बोला तीनो ध्यान से सुनो धम धम  आवाज आ रही है तीनो बोले है किसकी आवाज हैं ये बोलै सिकारी है साला गोली से से मार डालेगा  

1, 1 पंख नोच  लेगा और उन्हें पूरे शहर में भेजेगा यह भी कोई लाइफ है बिल्कुल मत बनो बुक गोवा बोला चल तू ही बता तेरे हिसाब से क्या बनना सबसे बढ़िया है मोर बोला कि तू मेरे हिसाब से तो गोवा बन्ना सबसे बढ़िया है साला सब डरते हैं कोई मारता है तेरे को नहीं कोई पकड़ता है तेरे को कि नहीं तो सबसे बढ़िया तू है  तुझसे किसी को कोई लेना देना नहीं है  तो दोस्तों इस कहानी से हमें सिखने को मिलता है की आपको भगवन ने जैसा बनाया है खुश रहिये किसी को अपने से बेटर मत समझिये अपने को सबसे बेटर बनाये 
दोस्तों अगर आपको कहानी पसंद आयी हो तो इसे आगे शेयर जरूर करें धन्यवाद्

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